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यंग सी.ए. कम्यूनिटी तय करेगी इस बार के सेंट्रल काउंसिल के इलैक्शन का रुख

अक्टूबर 27, 2015

Ballot-Boxसी.ए. इलैक्शन की घोषणा हो चुकी है, कैंडिडैट भी मैदान में डट गए हैं और हर कोई अपनी जीत का दावा ठोकने में लगा हुआ है। लेकिन अंदर की बात यह है कि इस बार 50,000 वोट्स में जो “मेजर शिफ्ट” अर्थात भारी हलचल होगी, वो यंग ओर नए सी.ए. के रुख से होगी।

गौरतलब है कि इस बार के इलैक्शन में यंग सी.ए. वोटर्स न केवल अपने संख्याबल बल्कि बुद्धिबल और परिपक्वता के कारण एक बहुत बड़ा वर्ग है और निर्णायक भूमिका में है। इस बार यही परिपक्व वर्ग तय करेगा कि कौन सेंट्रल काउंसिल में आयेगा और कौन नहीं!

वाई.एम.ई.सी. ने किया हैं यंग सी.ए. के लिए अहम काम

जाहिर है कि यंग सी.ए. अपने जैसे किसी यंग कैंडिडैट को ही देखना पसंद करेंगे या फिर उस कैंडिडैट को जिसकी यंग सी.ए. के बीच गहरी पैठ हो। सी.ए. में बहुत सारी कमिटियां कार्यरत हैं और अगर इन कमिटियों द्वारा किए गए कार्यों पर नज़र डालें, तो वाई.एम.ई.सी. यानी यंग मेम्बर्स एम्पावर कमिटी (YMEC – Young Members Empowerment Committee), जोकि युवा और नए सी.ए. के लिए कार्यरत है, काफी चर्चा में रही है।

Presentation2कहा तो यहां तक जाता है कि इस कमिटी की बागडोर लेने में पहले कोई भी तैयार नहीं था, किसी भी काउंसिल मेम्बर की रुचि नहीं थी। लेकिन वर्तमान कमिटी चेयरमेन ने इस कमिटी में नई जान फूंक दी है। इतना ही नहीं, जो नए आयाम इस कमिटी के द्वारा स्थापित किए गए हैं, वह आनेवाले सालों के लिए एक बेंचमार्क बन चुके हैं।

यंग सी.ए. प्रोफेशनल को अगर मुख्यधारा में लाने का किसी ने प्रयास किया है, तो वह इसी कमिटी का कार्य है। बहुत सारे यंग और नए-नए सी.ए. से बात करने पर पता चलता है कि वह इस कमिटी के विज़न और कार्यशैली से बहुत अधिक प्रभावित हैं। उन्होंने सी.ए. प्रोफेशन में एक नयापन महसूस किया है, उन्हें एक नई ऊर्जा मिली है। यह बात और है कि इस कमिटी की कार्यशैलियों के खिलाफ अनेक प्रकार के प्रोपगैण्डा भी किये गये हैं, फिजूलखर्ची के भी आरोप लगाये गये हैं।

औरों के पास कहने को कुछ है ही नहीं

लेकिन इन आरोपों का जबाब देते हुए युवा सी.ए. प्रोफेशनल्स का कहना है कि यदि हमारी भलाई में इंस्टिट्यूट के कुछ पैसे खर्च ही हो गये, तो इससे क्या अपराध हो गया। वाई.एम.ई.सी. के अलावे न जाने कितनी कमिटियां हैं, पर और कमिटियों के बारे मैं कोई बात क्यों नही करता है। वास्तव में बात कहने को उनके पास कुछ भी नहीं है।

निर्णायक भूमिका निभाएंगे यंग सी.ए.

निर्णायक भूमिका निभाएंगे यंग सी.ए.

निस्संदेह अगर अगर युवा सी.ए. वर्ग की ऐसी विचारधारा है, तो उसका क्रेडिट इस कमेटी के चेयरमेन और अन्य पदाधिकारियों को ही जाता है। इसी आधार पर यह भी कहा जाना गलत नहीं होगा कि इस इलैक्शन जिसकी चाहे जो मर्जी हो, अगर ये युवा वोटर्स आपके साथ हो तो फिर आपको कोई नहीं पछाड़ सकता।

लिहाजा यह कहना भी गलत नहीं होगा कि इस बार के सेंट्रल काउंसिल के चुनावों में भी ऐसा ही कुछ समीकरण देखने को मिलेगा। राजनीति चाहे जितनी भी निम्नस्तर की कर ली जाये, लोग चाहे जो मर्जी बोलें पर युवा सी.ए. को बरगलाया नहीं जा सकता है और इस बार के इलैक्शन की दशा और दिशा दोनों यही वर्ग निर्धारित करेगा।